गटर का शहजादा: अली की साँसें तेज़ होती हैं, उसकी उँगलियों में नीली बिजली सी कड़कड़ाती है, और रहमान दर्द से चीख उठता है (Hindi Edition)
de: Asjad Ali
गज़लजीत (हिंदी) (Hindi Edition)
de: Dr. Vaibhavkumar Shinde